नेताजी का कविता पाठ:
तकदीर में जिसकी जो लिखा है वही मिलेगा,
जिसके पास बहुमत हैं, कुर्सी का सुख भोगेगा ।
कुछ मेरी ख्वाब औ तमन्नाओं को पूरा होने दो,
जो सांसद तुम्हारे पास है, मेरी सूची में आने दो ।
तेरे पांच मंत्री बनाना का है मेरा पक्का वादा,
नहीं तो ४०० खोके हमारा पहले से ही है सौदा ।
मेरी बात तो तुझको माननी ही पड़ेगी, वरना,
दूसरी पार्टी सीबीआई से तेरी खाल खिचवालेगी ।
बहुत कोशिश करता हूँ तेरी (कुर्सी) याद भुलाने की,
कोई कोशिश न करे मेरे सांसदों को बरगलाने की ।
भुला देने में मेरी कारगुजारियों को क्या जाता है तेरा (जनता), वरना,
सड़क से संसद में दंगे करा दूंगा, गर चरित्र हनन किया मेरा ।
........ रजनीश
तकदीर में जिसकी जो लिखा है वही मिलेगा,
जिसके पास बहुमत हैं, कुर्सी का सुख भोगेगा ।
कुछ मेरी ख्वाब औ तमन्नाओं को पूरा होने दो,
जो सांसद तुम्हारे पास है, मेरी सूची में आने दो ।
तेरे पांच मंत्री बनाना का है मेरा पक्का वादा,
नहीं तो ४०० खोके हमारा पहले से ही है सौदा ।
मेरी बात तो तुझको माननी ही पड़ेगी, वरना,
दूसरी पार्टी सीबीआई से तेरी खाल खिचवालेगी ।
बहुत कोशिश करता हूँ तेरी (कुर्सी) याद भुलाने की,
कोई कोशिश न करे मेरे सांसदों को बरगलाने की ।
भुला देने में मेरी कारगुजारियों को क्या जाता है तेरा (जनता), वरना,
सड़क से संसद में दंगे करा दूंगा, गर चरित्र हनन किया मेरा ।
........ रजनीश
Behatreen. Chunav aur vidhayko ki khrud farokht per steek vyangya.
ReplyDeleteUmdaa.
ReplyDeleteसामयिक कविता.. वर्तमान परिदृश्य पर सीधा कटाक्ष 😇😊
ReplyDeleteबढिया व्यंग्य।
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