Sunday, July 14, 2019

#कैद_हूँ_ख्वाबों_में

थमी थमी सी हवाएँ, सहमा सहमा सा है कोहरा,
साँसें हैं थमती, याद जब जब आये तेरा चेहरा। 
आसमाँ जब जब रंग बदले, मुठ्ठी से चाँद फिसले,
बदरी हिस्से मेरे आती, लड़ी सितारे जब तू है सजाती। 
क़ैद हूँ ख़्वाबों में, अक्स आइने में है कौन देखता,
टपकना ही है इसे, अश्क़ आँखों में हैं क्यूँ पिघलता। 
वफ़ा तुम ने मुझसे है निभायी कुछ इस क़दर, 
तोहफ़े मे दुश्मनों को ही तुम ने थमा दिया खंजर। 
बेवफाई ख्याल किसे, ख्वाबों को जो पाल लिया,
ख़ंजर डर क्या, ख़्यालों ही ख़ुद घायल कर लिया।
मिलना नही इस दुनिया मे, मैने नई दुनिया बना ली,
यादों को बसाकर, ख़्बावों की नई दुनिया बसा ली। 
#रजनीश

22 comments:

  1. बहुत ख़ूबसूरत भाई 👌👌👌

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  2. वाह बहुत खूब

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  3. Maine apke is post ko copy kar liya hai..

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