Thursday, July 18, 2019

#कृष्ण


नींद नहीं आती, अपने गुनाहों के डर से हे गिरधारी,
सो जाता हूँ, सोचकर, तेरा नाम जो है बक्शनहारी। 
#रजनीश

6 comments:

  1. हमें खुद ही पता होता है हमने कँहा गलत किया है है और क्या गलत किया है सही व्यक्त किया गया है इन पंक्तियों में

    ReplyDelete
    Replies
    1. उत्साहवर्धक शब्द साधुवाद

      Delete
  2. अति सुन्दर रजनीश भाई 👌👌👌

    ReplyDelete
    Replies
    1. सर अति आवश्यक हौसलाअफजाई

      Delete