Friday, June 14, 2019

#कृष्ण

रूठी राधा, सूना जग, उजड़ी आटरिया,
छाई घटाएँ, बरसी घनघोर प्रेम बदरिया,
प्रेम सुधारस भीगी सारी गोकुल नगरियाँ,
सारोबर कीन्ही गात, मधुसूदन बाँसुरिया।
#रजनीश

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